
इंदौर. नाबालिग से दुष्कर्म के केस में आरोपी की जमानत याचिका खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने अहम टिप्पणी की। जस्टिस सुबोध अभ्यंकर ने आदेश में लिखा, 'भारत एक रूढ़ीवादी देश है। अभी यहां स्थिति ऐसी नहीं कि एक अविवाहित लड़की अन्य धर्म के लड़के के साथ सिर्फ मनोरंजन के लिए शारीरिक संबंध बनाए। वो ऐसा तभी करती है जब उससे भविष्य में शादी का वादा किया गया हो या इसका आश्वासन हो।
इस केस में लड़के के शादी से इनकार करने के बाद लड़की ने आत्महत्या करने की कोशिश की है। इससे साबित होता है कि वह रिश्ते के प्रति गंभीर थी। इसलिए सिर्फ आरोपी की ओर से दिए गए इस तर्क पर जमानतनहीं दी जासकती कि उसने सहमति से संबंध बनाए थे। आरोपी का यह तर्क भी गलत है कि लड़की संबंध बनाने के समय बालिग थी।
हाईकोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका
अहम टिप्पणी के साथ हाईकोर्ट ने उज्जैन से जुड़े केस में आरोपी अभिषेक चौहान की जमानत याचिका खारिज कर दी। केस में पीड़िता अन्य धर्म की है। अक्टूबर 2018 से दोनों के बीच संबंध थे। इसके कुछ महीनों बाद युवक ने शादी से इनकार कर दिया। इससे आहत लड़की ने आत्महत्या का प्रयास भी किया था। बाद में पीडिता की शिकायत पर पुलिस ने दुष्कर्म सहित पॉक्सो एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया। आरोपी तब से जेल में बंद है।
Updated on:
15 Aug 2021 10:12 am
Published on:
15 Aug 2021 10:12 am
